पेड़ बचाइए, अपना भविष्य बचाइए बचपन से ही मेरी रुचि पेड़ों की ओर रही है। स्कूल की किताबों में हमेशा पढ़ा कि पेड़ों की कटाई से प्रकृति को बहुत नुकसान होता है। जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई, मुझे यह एहसास हुआ कि यह केवल किताबों की बात नहीं, बल्कि हमारे जीवन का सबसे बड़ा सत्य है। वास्तव में, हम जीवित हैं तो पेड़ों की वजह से। यदि धरती से सारे पेड़ खत्म हो जाएँ, तो हम साँस कैसे लेंगे? हम सभी जानते हैं कि हमें जीवनदायी ऑक्सीजन पेड़ों से मिलती है, फिर भी हम लगातार उन्हें काटते जा रहे हैं। मुझे आज भी बचपन की एक कहानी याद है, जो मैंने शायद पाँचवीं या छठी कक्षा में पढ़ी थी। वह कहानी थी अमृता देवी बिश्नोई की। उन्होंने कहा था— "सिर सांटे रूंख रहे, तो भी सस्तो जाण।" अर्थात, यदि पेड़ बचाने के लिए सिर भी कट जाए, तो भी यह सस्ता सौदा है। उन्होंने केवल यह कहा ही नहीं, बल्कि पेड़ों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान भी दे दिया। यह हमें सिखाता है कि प्रकृति के प्रति सच्चा प्रेम केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कर्मों से साबित होता है। आज हम "पेड़ बचाओ" जैसे अभियान तो चलाते हैं, लेकिन क्या वास्...
बच्चो पर सोशल मीडिया का प्रभाव आज के समय में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसके पास मोबाइल फोन न हो। लगभग हर किसी के पास सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब का उपयोग करने की सुविधा है। इनका चलन लगातार बढ़ता जा रहा है और लोग इनका उपयोग भी अच्छी तरह करना सीख चुके हैं। यदि सही दृष्टिकोण से देखा जाए, तो कोई भी चीज़ अपने आप में बुरी नहीं होती। सोशल मीडिया भी ज्ञान प्राप्त करने, नई बातें सीखने, दुनिया से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को लोगों तक पहुँचाने का एक प्रभावी माध्यम है। समस्या तब शुरू होती है जब इसका उपयोग बिना समझदारी और संतुलन के किया जाता है। अच्छी और बुरी दोनों प्रकार की सामग्री हर जगह उपलब्ध होती है। समझदार व्यक्ति सही और गलत में अंतर कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह हमेशा आसान नहीं होता। बच्चे बहुत जल्दी किसी भी चीज़ का अनुसरण करने लगते हैं। कोई गाना वायरल हो जाए, कोई डांस ट्रेंड हो या कोई नया चैलेंज, बच्चे उसे जल्द ही सीख लेते हैं। यहीं से चिंता की शुरुआत होती है। कभी-कभी सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी सामने आते हैं जो अधूरी जानकारी देते हैं या खतरना...
2026 Deeksha. All Rights Reserved. Save Trees, Save Our Future From my childhood, I have always felt a special connection with trees. I grew up reading in school books that cutting down trees causes serious harm to nature. As I became older, I realized that this is not just something written in books—it is the truth of our existence. We are alive because of trees. Just imagine what would happen if all the trees disappeared. How would we breathe? We all know that trees provide the oxygen we need to survive, yet we continue cutting them down every single day. I still remember a story I read when I was in the fifth or sixth grade about Amrita Devi Bishnoi. She said: "If a tree is saved even at the cost of my head, it is a price worth paying." She did not just say these words—she sacrificed her life to protect trees. Her courage reminds us that love for nature is shown through actions, not just words. Today, we organize campaigns with slogans like "Save Trees," b...
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